जालंधर, (संजय शर्मा)- शिरोमणी अकाली दल ने आज पंजाब के लोगों को राज्य को अंधकार के युग में धकेलने और सरकारी जबर करने से सुचेत करते हुए आज पंथक तथा पंजाब समर्थक मजबूती की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि राज्य की अनूठी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान बनाकर रखने के लिए उचित राजनीतिक और वित्तीय स्वायत्ता आवश्यक है।
पार्टी के चुनाव घोषणा पत्र में पार्टी की संघर्ष की समृद्ध विरासत और पारंपरिक , पंथक और पंजाबियत पर जोर देने के साथ निस्वार्थ यौद्धाओं और जरनैलों द्वारा किए गए बलिदानों का जिक्र किया गया है जिसे उन्होने सत्ता के बार-बार पेशकश तथा कैबिनेट के पदों की पेशकश को ठुकराकर अपने सिद्धांतों पर डटकर खड़े रहे हैं
पार्टी ने अपने घोषणा पत्र जिसे पार्टी ने 1 जून को होने वाले लोकसभा चुनावों के लिए ‘ऐलान नामे’ का नाम दिया है, में पार्टी ने कहा कि पंजाब में पुलिस की बर्बरता का दौर लौट रहा है, आधी रात को पुलिस लोगों के घरों में घुस कर सिख नौजवानों को झूठे मुकाबले में मार रही है, राज्य की शांति तथा साम्प्रदायिक सदभावना को बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य में भड़काउ नारों की मदद से डर, भय तथा दहशत का माहौल पैदा किया जा रहा है।अकाली दल अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने घोषणा पत्र जारी करते हुए कहा कि राज्य की शांति और साम्प्रदायिक सदभाव को बचाने की सख्त जरूरत है ताकि पंथ और पंजाब को बचाया जा सके।
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चुनावी घोषणा पत्र में वादा किया गया कि चंडीगढ़ तथा पंजाबी भाषा वाले क्षेत्रों को पंजाब में लेने के लिए संघर्ष किया जाएगा। चंडीगढ़ पंजाब का था तथा हमेशा ही रहेगा, इसे सिर्फ पांच सालों के लिए यूटी बनाया गया था। हम इस मामले में पंजाब के साथ केंद्र द्वारा की गददारी के खिलाफ डटकर संघर्ष करेंगें।
घोषणा पत्र में कहा गया कि पार्टी लोगों के जनादेश का उपयोग करते हुए करतारपुर साहिब को पाकिस्तान से भारत लाने के लिए दोनों देशों के बीच आपसी समझौते के आधार पर काम करेगी, जैसे की पहले हुसैनीवाला बाॅर्डर तथा बंगलादेश के मामले में किया गया।
पार्टी ने वादा किया कि वह भारत सरकार के माध्यम से काम करते हुए यह सुनिश्चित करेगा कि करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए पासपोर्ट की शर्त खत्म की जाए तथा इसकी जगह एक साधारण परमिट सिस्टम लागू किया जाए।
घोषणा पत्र में सरकारों द्वारा सिख गुरुघामों तथा खालसा पंथ की अन्य धार्मिक संस्थाओं पर कब्जा करने की कोशिशों तथा साजिशों का जोरदार विरोध किया। पार्टी गैर सिख ताकतों द्वारा सिख धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप को खत्म करने की वकालत की और कहा कि कुछ हताश सिख तत्वों तथा बहरूपियों का इस्तेमाल करके पंथ को अंदर से कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।
चुनावी घोषणा पत्र में कहा गया है कि सिखों के साथ भेदभाव करने और षडयंत्र में शामिल होने के अलावा केंद्र मुसलमानों, ईसाईयों, बौद्धों और जैनों सहित अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव करके उन्हे निशाना बनाया जा रहा है। शिरोमणी अकाली दल समाज के हर वर्ग के लिए खड़ा रहेगा तथा हर कीमत पर एक समान नागरिक संहिता लागू करने का विरोध करेगा।
चुनावी घोषणा पत्र में पंजाब के लिए विशेष अनुसूचित जाति का दर्जा देने की मांग की गई क्योंकि राज्य में सबसे अधिक एस सी आबादी है। अकाली दल पंजाब में अनुसूचित जाति की भलाई के लिए विशेष फंडों की मांग करेगा तथा पार्टी एस सी छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक के बैकलाॅग को क्लीयर करवाएगी। यह नई दिल्ली तुगलकाबाद में गुरु रविदास जी के मंदिर की तत्काल बहाली सुनिश्चित करेगा।
अकाली दल तीन विशेष आर्थिक हब स्थापित करेगा, जिसमें मोहाली आईटी हब के रूप में , मालवा को कपड़ा हब के रूप में, श्री अमृतसर साहिब के साथ साथ पठानकोट के आसपास हरी के पत्तन, पठानकोट के आसपास रंजीत सागर बांध को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा।
ठसी तरह पार्टी के कंडी और बेट क्षेत्रों को विशेष रूप से विकसित करेगी तथा इनके लिए विशेष पैकेजों के साथ साथ औद्योगिक रियायतें भी प्रदान करेगी जो पड़ोसी राज्यों को दी गई है।
चुनाव घोषणा पत्र में कहा गया है कि अकाली दल पंजाब में सुक्ष्म, लघु और मध्यम स्तर की खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करेगा, क्योंकि पंजाब एक कृषि आधारित राज्य है। उन्होने कहा,‘‘ अकाली दल किसानों और खेतिहर मजदूरों की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक आवाज है जो न्याय के लिए संघर्ष का पुरजोर समर्थन करता है। पार्टी एमएसपी को कानूनी गारंटी में बदलने के लिए अपने जनादेश का उपयोग करेगी।
पार्टी ने छोटे और आंशिक किसानों को डीजल पर 20 फीसदी सब्सिडी देने का वादा किया। पार्टी किसानों और खेतिहर मजदूरों के लिए ‘ कुशल श्रमिक का दर्जा’ हासिल करने की कोशिश करेगी और मनरेगा में खेतिहर मजदूरों को शामिल करने की कोशिश करेगी।
पार्टी ने कहा कि वह किसान संघर्ष में मारे गए किसानों के परिवारों के लिए 50 लाख रूपये के मुआवजे और परिवार के एक सदस्य के लिए सरकारी नौकरी की मांग करेगी।
पार्टी सरकार द्वारा किसानों और खेतिहर मजदूरों से किए गए सभी वादे पूरे करने और सब्जी और फल उत्पादक किसानों से किए गए वादों को पूरा करने की मांग करेगी। पार्टी ने कहा कि अकाली दल व्यक्तिगत आयकर की मौजूदा दर से 4 लाख रूपये अधिक बढ़ाने की मांग करेगा।