हिट एंड रन मोटर दुर्घटना योजना के पीड़ितों को मुआवजा देने संबंधी निगरानी समिति की बैठक हुई

जालंधर, माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की पालना करते हुए हिट एंड रन मोटर दुर्घटना योजना के पीड़ितों को मुआवजा देने संबंधी निगरान कमेटी की बैठक स्थानीय एडीआर सेंटर में हुई।

बैठक में सचिव डी.एल.एस.ए.जालंधर बलजिंदर सिंह मान कनवीनर और एस.डी.एम.-1-कम-कलेम जांच अधिकारी जय इंद्र सिंह और ए.सी.पी.ट्रैफिक जालंधर सतिंदर कुमार चड्ढा सदस्य के तौर पर मौजूद रहे।
श्री मान ने कहा कि इस समिति का गठन माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार किया गया है।
निर्णय के आदेश के अनुसार यदि अधिकार क्षेत्र के पुलिस स्टेशन द्वारा दुर्घटना की रिपोर्ट दर्ज करते समय दुर्घटना में शामिल वाहन का विवरण उपलब्ध नहीं है और यदि उचित प्रयास करने के बाद भी दुर्घटना में शामिल वाहन का विवरण उपलब्ध नहीं है। पुलिस दुर्घटना रिपोर्ट दर्ज करने की तिथि यदि एक माह के भीतर सुनिश्चित नहीं की जाती है, तो थाना प्रभारी घायल या मृतक के कानूनी प्रतिनिधियों को लिखित तौर पर सूचित करेगा कि हिट एंड रन मोटर दुर्घटना योजना के तहत मुआवजे का दावा किया जा सकता है।
पुलिस स्टेशन का इंचार्ज अधिकारी, योजना की धारा 21 की उप-धारा (1) में दिए गए प्रावधान के अनुसार, पीड़ितों के नाम और मृतक के कानूनी प्रतिनिधियों के नाम के साथ एक एफएआर क्लेम जांच अधिकारी को भेजेगा।
यदि दावा जांच अधिकारी द्वारा एफएआर और अन्य विवरण प्राप्त होने के एक महीने के भीतर दावा आवेदन प्राप्त नहीं होता है, तो दावा जांच अधिकारी द्वारा संबंधित जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण को सूचना दी जाएगी, और दावेदारों से संपर्क किया जाए, और क्लेम दायर करने में उनकी सहायता की जाए।
दावा जांच अधिकारी हिट एंड रन मोटर दुर्घटना योजना 2022 के पीड़ितों को मुआवजा के तहत आवेदन प्राप्त होने की तारीख से एक महीने के भीतर दावा सैटलमैंट कमिश्नर आयुक्त को दावा प्रस्तुत करेगा।
दावा सेटलमैंट कमिश्नर जांच अधिकारी की रिपोर्ट प्राप्त होने के पंद्रह दिनों के भीतर दावे को मंजूरी देगा। योजना के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए निगरानी समिति हर दो महीने में कम से कम एक बार बैठक करेगी।

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