चुनाव से कुछ हफ़्ते पहले एक महत्वपूर्ण आदेश में, सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के कानून पर रोक लगाने का आदेश देने से इनकार कर दिया है. इस दौरान कोर्ट ने कहा कि इस स्तर पर ऐसा करना “अराजकता पैदा करना” होगा. टिप्पणी करते समय, अदालत ने यह भी कहा कि नव नियुक्त चुनाव आयुक्तों, ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू के खिलाफ कोई आरोप नहीं हैं, जिन्हें नए कानून के तहत चयन पैनल में बदलाव के बाद चुना गया था.
जस्टिस संजीव खन्ना और दीपांकर दत्ता की बेंच ने कहा, ”आप यह नहीं कह सकते कि चुनाव आयोग कार्यपालिका के अधीन है.” याचिकाकर्ताओं की ओर इशारा करते हुए कि यह नहीं माना जा सकता कि केंद्र द्वारा बनाया गया कानून गलत है, पीठ ने कहा, “जिन लोगों को नियुक्त किया गया है उनके ख़िलाफ़ कोई आरोप नहीं हैं… चुनाव नजदीक हैं, सुविधा का संतुलन बहुत महत्वपूर्ण है.”