नई दिल्ली, चंडीगढ़ मेयर चुनाव मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। अदालत में रिटर्निंग ऑफिसर अनिल मसीह पहुंच गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें वायरल वीडियो में देखे गए उनके आचरण के बारे में सफाई देने के लिए कहा था। सुनवाई के दौरान सीजेआई मे पूछा कि मेयर ने इस्तीफा दे दिया है या नहीं? वहीं सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि आरोप-प्रत्यारोप से बचने के लिए आप हाई कोर्ट से रिटर्निंग ऑफिसर के रूप में काम करने के लिए अधिकारी को नियुक्त करने का अनुरोध कर सकते हैं। अदालत के सामने रिटर्निंग ऑफिसर ने इस बात को माना कि उन्होंने कुछ बैलेट पेपर पर क्रॉस का निशान लगाया था, लेकिन वो पहले से ही मतदाताओं ने खराब कर दिए थे। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने कल चंडीगढ़ मेयर चुनाव के बैलेट पेपर को मंगाया है। इस मामले में याचिकाकर्ता ने कहा कि ऐसे दो उदाहरण हैं जब मतपत्र को अवैध मानकर खारिज किया जा सकता है। पहला, कागज पर एक निशान होता है जिससे मतदाता पहचान करता है। दूसरा यह कि वोट क्रॉस से इस तरह से किया जाता है कि यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि वोट किसके पक्ष में है। आम आदमी पार्टी के मेयर प्रत्याशी (याचिकाकर्ता) ने कहा कि हमारा पॉइंट ये है कि क्या रिटर्निंग अधिकारी के निशान से मतपत्र अवैध हो जाएंगे। नए सिरे से चुनाव कराने के बजाय, वर्तमान मतपत्रों की गिनती की जा सकती है, निशानों की परवाह किए बिना।