यूपी की लोकसभा सीटों को लेकर मंगलवार को नई दिल्ली में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच पहले दौर की बातचीत हो गई है। सीट बंटवारे पर कांग्रेस और सपा नेताओं के बीच दूसरे दौर की बातचीत 13 जनवरी को होगी। मंगलवार को हुई इस बैठक में दोनों दलों ने महत्वपूर्ण सीटों की संख्या को लेकर चर्चा की। कांग्रेस उत्तर प्रदेश में लखनऊ सहित 30 लोकसभा सीटों पर दावा पेश कर सकती है। सीट बंटवारे पर शुरुआती बातचीत में समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधित्व पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव और जावेद अली ने किया, जबकि कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने बैठक में भाग लिया। दरअसल, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने 14 जनवरी को मणिपुर से शुरू होने वाली कांग्रेस की भारत जोड़ो न्याय यात्रा के शुभारंभ से पहले सीट बंटवारे के फॉर्मूले को अंतिम रूप देने का आग्रह किया था।
एक कांग्रेस नेता ने बताया कि सपा नेताओं को यूपी में 30 लोकसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारने की कांग्रेस की मंशा के बारे में बताया गया। एसपी के साथ चर्चा सही दिशा में और सौहार्दपूर्ण थी। सीट बंटवारे के साथ-साथ गठबंधन को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई ताकि लोगों को यह संदेश दिया जा सके कि गठबंधन एक एकजुट समूह के रूप में काम कर रहा है।
उधर, उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व सीट बंटवारे पर गठबंधन सहयोगियों के साथ बातचीत कर रहा है। राय उत्तर प्रदेश में कांग्रेस द्वारा मेरठ, कानपुर, मथुरा, गोरखपुर, वाराणसी और लखनऊ में आयोजित होने वाले क्षेत्रीय संवाद कार्यक्रमों और कार्यशालाओं (11 से 18 जनवरी तक) पर चर्चा करने के लिए बुधवार को दिल्ली में थे। उन्होंने कहा कि राज्य की सभी 80 लोकसभा सीटों पर पार्टी की ताकत की गहन जांच करने के बाद निर्वाचन क्षेत्रों की एक सूची तैयार की है। कांग्रेस ने 2019 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में एक सीट हासिल की और 6.3% वोट हासिल किए। 2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली 21 सीटों के साथ-साथ पार्टी की नजर वेस्ट यूपी की मुस्लिम बहुल सीटों पर भी है। हाल ही में जोड़ो यात्रा ने पश्चिम और मध्य यूपी के 11 जिलों और 16 लोकसभा क्षेत्रों को कवर किया, मुसलमानों का कांग्रेस की ओर झुकाव स्पष्ट था और गठबंधन सहयोगियों को संदेश चला गया है।