नई दिल्ली, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने डीजल इंजन वाहनों पर अतिरिक्त 10% GST लगाने के लिए वित्त मंत्रालय को एक प्रस्ताव सौंपने की योजना बनाई है। इस कदम का उद्देश्य देश के अंदर क्लाइमेट फ्रेंडली व्हीकल को बढ़ावा देना है। हालांकि, ऐसे वाहनों पर 10% एडिशनल इनडायरेक्ट टैक्स लगाने से ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की सेल्स पर भी असर पड़ेगा। देश के अंदर लगभग सभी कमर्शियल व्हीकल डीजल इंजन से ही चलते हैं। गडकरी ने 63वें सियाम वार्षिक सम्मेलन में इसे ‘पॉल्यूशन टैक्स’ बताते हुए कहा कि यह देश में डीजल वाहनों के उपयोग को कम करने का एकमात्र तरीका है। गडकरी के बयान के बाद दोपहर 12:00 बजे तक महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर 2.38%, टाटा मोटर्स के शेयर 2% और मारुति सुजुकी के शेयर 0.8% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। जब भी आप कोई नई गाड़ी खरीदते हैं तब उसकी कुल कीमत 28% GST देनी पड़ती है। इसमें सभी तरह के व्हीकल जैसे पेट्रोल, डीजल, CNG, इलेक्ट्रिक हाइब्रिड शामिल हैं। इतना ही नहीं, नया कमर्शियल व्हीकल, थ्री-व्हीलर या फिर कोई टू-व्हीलर खरीदने पर भी 28% GST चुकानी पड़ती है। सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर सिर्फ 5% GST ले रही है।