NEW DELHI : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को मोदी सरकार की दूसरी पारी का अंतिम पूर्णकालिक बजट पेश किया। इस बजट में हर वर्ग का ध्यान रखने की कोशिश की गई लेकिन विपक्ष ने इस बजट को चुनावी बजट करार दिया। इस बजट में की गई घोषणाओं के साथ-साथ सबका ध्यान निर्मला सीतारमण की साड़ी पर भी गया। निर्मला लाल रंग की साड़ी में नजर आईं जिस पर काले व सुनहरे रंग का बॉर्डर है। आज उन्होंने जो साड़ी पहनी, उसे रेड टेंपल साड़ी कहा जाता है। यह कांचीपुरम साड़ियों में से एक है। रेड टेंपल साड़ी की जड़ें दक्षिण भारत से जुड़ी हैं, खासकर तमिलनाडु से। मंदिरों के शहर कांचीपुरम से जुड़ाव के कारण इस साड़ी को कांचीपुरम या कांजीवरम साड़ी भी कहा जाता है।
कांचीपुरम शहर अपनी सिल्क साड़ियों के लिए फेमस है और रेड टेंपल साड़ी इनमें से सबसे अधिक डिमांड में रहती है। कांचीपुरम साड़ियों का चलन काफी पुराना है और खास बात ये है कि यह आउट ऑफ फैशन नहीं होता। गोपुरम जैसे आर्किटेक्चर दक्षिण भारत के द्रविड़ मंदिरों की खास पहचान हैं। इन आकारों को जब साड़ी पर उकेरा जाता है, तो उस पैटर्न को लोकल भाषा में पिल्लयार मोगू कहा जाता है। लाल रंग शौर्य और ताकत का प्रतीक है जो आत्मविश्वास को बढ़ाता है। कलर साइकोलॉजी के मुताबिक लाल रंग का लिबास पहनने से आत्मविश्वास बन रहता है और मन प्रसन्न रहता है। वित्त मंत्री ने बजट के दिन साड़ी का रंग और उसका स्टाइल का चुनाव काफी सोच समझ कर किया है।