पीएम नरेंद्र मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में भारत के पुराने सहयोगी रूस को युद्ध को लेकर जो संदेश दिया उसकी पूरी दुनिया में जमकर तारीफ हो रही है। दरअसल, मोदी ने व्लादिमीर पुतिन को साफ-साफ कहा था कि यह समय यु्द्ध का नहीं है और सभी मुद्दे का समाधान बातचीत से होनी चाहिए। पीएम के इस बयान को पूरी दुनिया में सकारात्मक संदेश के तौर पर देखा गया। अपने ‘शांति पाठ’ वाले बयान से पीएम मोदी पूरी दुनिया में छा गए हैं। अमेरिकी मीडिया में मोदी के बयान को बड़ी तरजीह दी थी। इसे पीएम मोदी के बढ़ते वैश्विक रसूख से भी जोड़ा जा रहा है। हालांकि, कई लोग इसे भारत की विदेश नीति में बदलते रुख के तौर पर देख रहे हैं। लेकिन कुछ जानकार इसे भारत का एक संतुलित बयान बता रहे हैं। क्योंकि एक हकीकत ये भी है कि भारत ने रूस के खिलाफ कई अहम प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र में अनुपस्थित रहा था।