CHANDIGARH : मुख्यमंत्री (पंजाब) कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिद्धू के साथ खींचतान के बीच शनिवार को इस्तीफा दे दिया। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपराह्न साढ़े चार बजे पंजाब राजभवन जाकर राज्यपाल बनवारी लाल पुराेहित को मंत्रिपरिषद का इस्तीफा सौंपा। चंडीगढ़ में राजभवन से बाहर निकल कर उन्होंने कहा, “मैंने आज सुबह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को कह दिया था कि मैं इस्तीफा दे रहा हूं। पिछले दो महीने में मुझे जिस तरह बार-बार तलब किया गया, वह मेरे लिए अपमानजनक था।” उन्होंने कहा कि वह अपने भविष्य की राजनीति का फैसला अपने समर्थकों के साथ विचार-विमर्श करके जल्द ही करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, “ भविष्य की मेरी राजनीति क्या होगी, यह मैं विचार-विमर्श करके करूंगा।” उन्होंने कहा, “ मैं अपने विकल्पों का उपयोग करूंगा।” यह पूछे जाने पर कि क्या अब वह भारतीय जनता पार्टी में जा सकते हैं, उन्होंने कहा, “ आप कुछ भी कहते रहें, मैं कांग्रेस में हूं, 52 वर्षों की मेरी राजनीति है, मैं साढ़े नौ साल मुख्यमंत्री रहा हूं, अपने समर्थकों के साथ विचार-विमर्श करके आगे का फैसला करूंगा।” कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, “ जिस तरह पिछले दो महीने में मुझे तीन बार बुलाया गया, जिससे मुझे लगा कि मेरे ऊपर शक किया जा रहा है, यह मेरे लिए अपमानजनक था।”
उल्लेखनीय है कि कैप्टन का पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिद्धू के साथ छत्तीस का आंकड़ा है और इसको लेकर वह आहत थे। कैप्टन सिंह ने कहा कि उन्होंने सुबह ही पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से बात की थी और उन्हें बता दिया था कि वह पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह केवल मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे रहे हैं लेकिन कांग्रेस में बने रहेंगे।