Mumbai : आरबीआई ने इस बार भी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। प्रमुख ब्याज दरें 4 प्रतिशत पर बरकरार हैं। इस दौरान रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मॉनिटरी पॉलिसी की घोषणा की। मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी की तीन दिनों की बैठक में क्या फैसला लिया गया है, गवर्नर दास ने इसके बारे में जानकारी दी। गवर्नर दास ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर से इकोनॉमी उबर रही है। सप्लाई और डिमांड का बैलेंस बिगड़ गया है जिसे धीरे-धीरे ठीक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जून के मुकाबले जुलाई में आर्थिक सुधार बेहतर रहा।
Meeting Main Points :
# भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष 2021-22 में देश की वास्तविक जीडीपी में 9.5 फीसदी की तेजी का अनुमान लगाया है।
# मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) रेट भी 4.25 फीसदी पर स्थिर है।
# केंद्रीय बैंक ने मौद्रिक रुख को ‘उदार’ बनाए रखा है। उदार रुख पर छह में से पांच सदस्य सहमत थे।
# आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। यह चार फीसदी पर बरकरार है। यानी ग्राहकों को ईएमआई या लोन की ब्याज दरों पर नई राहत नहीं मिली है।
# इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 21.4 फीसदी होगी, दूसरी तिमाही में 7.3 फीसदी, तीसरी तिमाही में 6.3 फीसदी और चौथी तिमाही में 6.1 फीसदी।
# शक्तिकांत दास ने कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 में देश की वास्तविक जीडीपी 17.2 फीसदी रह सकती है।
# मुद्रास्फीति पर दास ने कहा कि, वित्त वर्ष 2021-2022 में सीपीआई 5.7 फीसदी रह सकती है। पिछली बैठक में 5.1 फीसदी का अनुमान लगाया गया था।
# दास ने आगे कहा कि रिवर्स रेपो रेट को भी 3.35 फीसदी पर स्थिर रखा गया है।
# इसके साथ ही बैंक रेट में भी कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया गया है। यह 4.25 फीसदी पर है।
# दूसरी तिमाही में महंगाई दर 5.9 फीसदी रह सकती है, तीसरी तिमाही में 5.3 और चौथी तिमाही में यह 5.8 फीसदी हो सकती है।
# दूसरी तिमाही में महंगाई दर 5.9 फीसदी रह सकती है, तीसरी तिमाही में 5.3 और चौथी तिमाही में यह 5.8 फीसदी हो सकती है।
# वहीं केंद्रीय बैंक ने कहा कि वित्त वर्ष 2022-2023 की पहली तिमाही में सीपीआई 5.1 फीसदी रह सकती है।
# मुद्रास्फीति पर दास ने कहा कि, वित्त वर्ष 2021-2022 में सीपीआई 5.7 फीसदी रह सकती है। पिछली बैठक में 5.1 फीसदी का अनुमान लगाया गया था।