काबुल, अफगानिस्तान में आतंक के खिलाफ जंग में पिछले 20 साल से उलझी अमेरिकी सेना तेजी से स्वदेश वापसी कर रही है। राष्ट्रपति जो बाइडन ने शपथ लेने के दो महीने के अंदर ही 11 सितंबर से पहले अमेरिकी सैनिकों की अफगानिस्तान से पूर्ण वापसी का ऐलान कर दिया था। यही कारण है कि अफगानिस्तान में मौजूद अमेरिकी सैनिक सैन्य अड्डों को खाली करने के दौरान हड़बड़ी दिखा रहे हैं। इस कारण अमेरिकी सेना के हथियार और साजो-सामान अफगान सेना को मिलने के बजाए तालिबान के हाथ आ रहे हैं।