पंजाब पुलिस ने शुक्रवार को कहा कि स्वयंभू ईसाई उपदेशक बजिंदर सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामले की जांच चल रही है। पादरी सिंह (42) पर 28 फरवरी को 22 वर्षीय एक महिला की शिकायत पर कथित यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया था। सिंह के खिलाफ मामले के बारे में पूछे जाने पर कपूरथला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव तूरा ने कहा कि जांच चल रही है। उन्होंने हालांकि और कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया।
सिंह के यूट्यूब चैनल के अनुसार, पादरी को 5-6 मार्च को नेपाल में “दुख निवारण सत्संग” कार्यक्रम में शामिल होना है। पुलिस ने सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354ए (यौन उत्पीड़न), 354डी (पीछा करना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया है।
अपनी शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि वह अपने माता-पिता के साथ अक्टूबर 2017 में सिंह के चर्च में जाने लगी थी। उसने आरोप लगाया कि पादरी ने उसका मोबाइल फोन नंबर ले लिया और उसे संदेश भेजने शुरू कर दिए। उसने यह भी कहा कि उसने अपने माता-पिता को इस बारे में नहीं बताया, क्योंकि वह सिंह से डरती थी। पादरी ने 2022 से कथित तौर पर उसे रविवार को चर्च के एक कक्ष में अकेले बैठाया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि जब वह अकेली होती थी, तो पादरी उसे गले लगाता था और गलत तरीके से छूता था। उसने यह भी आरोप लगाया है कि पादरी ने धमकी दी थी कि अगर उसने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई तो वह उसे और उसके परिवार के सदस्यों को खत्म कर देगा।
राष्ट्रीय राजधानी में एक संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में रहाटकर ने कहा कि आयोग ने पंजाब पुलिस को तीन दिनों के भीतर मामले में कार्रवाई रिपोर्ट और प्राथमिकी की एक-एक प्रति जमा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा, “पंजाब के एक पादरी से जुड़ा जो मामला प्रकाश में आया है, वह बहुत गंभीर और चिंताजनक मामला है। जिस तरह से महिला के साथ यौन उत्पीड़न किया गया, वह बेहद चिंताजनक है। हालांकि, हम सिर्फ इसे स्वीकार करने तक ही सीमित नहीं हैं, हमने घटना का स्वत: संज्ञान लिया है और पंजाब पुलिस से पूछा है कि वे क्या कार्रवाई करेंगे।” सिंह ने उनके खिलाफ लगे यौन उत्पीड़न के आरोप को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है।