धीरेंद्र शास्त्री के दरबार में हज़ारों लोग अपनी चिंताओं का निवारण पाने के लिए अर्जी लगाते है. इन सब में धीरेंद्र शास्त्री से ज्यादा बाला जी बाबा पर विश्वास है. खुद धीरेंद्र शास्त्री भी श्रद्धालुओं से बाला जी सरकार की सेवा करने को कहते है. लेकिन एक ऐसा शख्स आया जिसके पर्चे में एक स्पेशल बात लिखी थी. वो बात इतनी संवेदनशील थी कि बात बताने से पहले पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अलग से कहा कि वो किसी की भावनाओं को आहत नहीं करना चाहते. आइये जानते है वो क्या बात थी
मंच पर शख्स के बैठते ही पंडित धीरेंद्र शास्त्री उसे पहचान लेते है. वो बगल के लोगो से पूछते है कि क्या को व्यक्ति ऑटो वाला ही है न. इस पर वो व्यक्ति ही प्रश्न पर हाँ बोल देता है. पूछने पर व्यक्ति बताता है कि वो चाहता कि उसका एक घर हो जाये. उसके मां की तबियत ठीक हो जाये और उसके बच्चे सनातनी बने. बाबा धीरेंद्र शास्त्री बताते है कि व्यक्ति के घर बनने में अभी एक साल और 7 महीने का समय लगेगा. वो आशीर्वाद देते है कि उसके बच्चों पर कृपा होगी और उसकी मां भी स्वस्थ रहेगी.
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री व्यक्ति को भगवन शिव के नाम से 11 दिन की अखंड ज्योति जलने को कहते है. इसके बाद वो व्यक्ति से कहते है कि उसके घर में जो एक संत का चित्र है वो सही नहीं है. वो पहले तो उस संत का नाम पर्चे पर लिख कर उस व्यक्ति को गुप्त तरीके से बताते है. फिर बाद में वो बता देते है कि वो जिस संत की बात कर रहे है वो संत साई है. वो बताते है कि वो किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचना चाहते और ये स्पेशल संदेश उनकी तरफ से नहीं है. ये व्यक्ति के पर्चे में आया है. बाबा धीरेंद्र शास्त्री ये भी बताते है कि साई की तस्वीर मंदिर में कोने पर रखी हुई है. उसके नीचे अखबार, बगल में गंगाजल और सूखा हुआ पीला फूल रखा हुआ है. इसके बाद धीरेंद्र शास्त्री व्यक्ति से कहते है कि वो वापिस उस शख्स के ऑटो में ही जायेंगे.