जालंधर, (संजय शर्मा)- मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी नज़दीक लमांपिंड चौंक जालंधर में श्री शनिदेव महाराज जी के निमित्त सप्ताहिक दिव्य हवन यज्ञ का आयोजन मदिंर परिसर में किया गया।
सर्व प्रथम ब्राह्मणो द्वारा कृष्ण कुमार गुप्ता से सपरिवार पंचोपचार पूजन, षोडशोपचार पूजन, नवग्रह पूजन उपरांत हवन-यज्ञ में आहुतियां डलवाई गई।
नवजीत भारद्वाज जी दोहे का अर्थात् समझाते है कि कबीर दास जी कहते हैं कि मायाधन और इंसान का मन कभी नहीं मरा, इंसान मरता है शरीर बदलता है लेकिन इंसान की इच्छा और ईर्ष्या कभी नहीं मरती।
ईर्ष्या करना आमतौर पर लोग स्वीकार नहीं करते, क्योंकि स्वयं लोगों को भी नहीं लगता कि वह ईर्ष्या वृत्ति से ग्रसित हैं। नवजीत भारद्वाज जी प्रभु भक्तों को विनम्र स्वभाव से समझाते है कि ईर्ष्या करने का परिणाम अक्सर निष्फल ही जाता है। अधिकतर तो जिस बात से हम सब ईष्र्या करते हैं, वह ऐसी बात होती है, जिस पर हमारा तनिक भी बस नहीं चलता। जब अपनी स्थिति में मनोनुकूल परिवर्तन करने की सामथ्र्य नहीं है, तब हम दूसरों की स्थिति में कहां परिवर्तन कर सकते हैं। ईर्ष्या की एक बात तो है कि यह किसी आसपास के जानने वाले या अपने समान व्यक्ति से ही होती है। अक्सर लोग अपने नाते-रिश्तेदारों, व्यापारिक प्रतिद्वंद्वियों, पड़ोसियों से ईष्र्या करते हैं। अनजान व्यक्ति से ईष्र्या नहीं होती।
इस अवसर पर बलजिंदर सिंह, विवेक, मनमोहन, अमरेंद्र कुमार शर्मा,रिंकू सैनी,सुक्खा अमनदीप,चेतन अरोडा, अवतार सैनी, नरेश त्रेहन, रजेश महाजन , ऋषभ कालिया, प्रिंस कुमार,कमल नैयर सहित भारी संख्या में भक्तजन मौजूद थे।