नई दिल्ली, (R.aajtak.com)-ताजा घटनाक्रमों को देखेंगे तो लगेगा कि गांधी परिवार पर विरासत की ही वक्रदृष्टि पड़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जवाहर लाल नेहरू की नीतियों पर बार-बार प्रहार किया तो राजीव गांधी के ‘एक रुपये भेजता हूं तो 10 पैसे ही मिलते हैं’ वाले बयान को यह कहकर भुनाया कि दरअसल कांग्रेस पार्टी, खासकर गांधी परिवार की अगुवाई में भ्रष्टाचार की गंगोत्री है। बहरहाल, गांधी परिवार पर विरासत की कैसी वक्रदृष्टि पड़ी है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि असोसिएटेड जर्नल लि. (एजेएल) से शुरू हुई कहानी अब गांधी परिवार से जुड़े तीन और संस्थानों- इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट, राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट, राजीव गांधी फाउंडेशन – तक पहुंच चुकी है।