भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने को लेकर एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक और सरकार के बीच चल रही बहस के बीच संसद की एक समिति इस मुद्दे की विस्तार से जांच करेगी। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली संचार और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने सैटेलाइट इंटरनेट को चर्चा के लिए चुना है। ऐसे में सवाल है कि भारत में सैटेलाइट इंटरनेट शुरू होने में देरी क्यों हो रही है और क्या इस मामले में कारोबारी हितों को लेकर उठे आरोपों पर भी चर्चा होगी?
समिति के अध्यक्ष निशिकांत दुबे ने 14 अक्तूबर को बैठक के बाद बताया कि आने वाले दिनों में सैटेलाइट इंटरनेट के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि स्टारलिंक ने भारत में सेवा शुरू करने की मंजूरी मिलने में देरी पर सवाल उठाए हैं। मस्क ने आरोप लगाया है कि कुछ ताकतवर कारोबारी समूह उनकी कंपनी की भारत में एंट्री रोकने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, सरकार ने नियामकीय प्रक्रिया में भेदभाव के आरोपों को खारिज किया है।