जालंधर, सेंट्रल से विधायक रमन अरोड़ा को विजिलेंस 7 घंटे की लम्बी रेड के बाद गिरफ्तार कर लिया है। टीम उन्हें अपने साथ ले गई है। विजिलेंस टीम अशोक नगर स्थित घर पर रेड की। जिस वक्त विजिलेंस टीम पहुंची, विधायक अरोड़ा कहीं जा रहे थे। विजिलेंस ने घर के नजदीक मंदिर के मोड़ से उन्हें हिरासत में लिया था। इसके बाद टीम उन्हें घर में ले गई। जिसके बाद अंदर छानबीन की गई। पुख्ता सबूत हाथ लगने के बाद विधायक को गिरफ्तार कर लिया गया। सूत्रों के अनुसार विधायक के PA को भी टीम ने हिरासत में लिया है। हालांकि अभी इसे लेकर विजिलेंस ने कोई स्पष्ट बयान जारी नहीं किया है। साथ ही विधायक के समधी राजू मदान के घर भी विजिलेंस की एक टीम पहुंची थी, मगर टीम को वहां कोई भी परिवारिक सदस्य घर नहीं मिला। विधायक का केस कुछ दिन पहले गिरफ्तार किए ATP से जुड़ा हुआ है। सरकारी प्रवक्ता के मुताबिक विधायक पर आरोप है कि जालंधर नगर निगम के जरिए उन्होंने लोगों को नोटिस भिजवाए। फिर रुपए लेकर नोटिसों को रफा-दफा करा दिया। इस मामले में FIR भी दर्ज की जा चुकी है। बता दे की अरोड़ा पर एक्शन की तैयारी पहले ही शुरू हो चुकी थी। कुछ दिन पहले ही अरोड़ा की सिक्योरिटी वापस ले ली गई थी। हैरानी की बात है कि 4 दिन पहले विधानसभा की नई कमेटियां गठित की गई थीं। इसमें रमन अरोड़ा को भी पब्लिक अंडरटेकिंग कमेटी का सदस्य बनाया गया था।
विजिलेंस सूत्रों के अनुसार बीते दिनों जालंधर सेंट्रल हलके से विधायक रमन अरोड़ा के करीबी नगर निगम के बिल्डिंग ब्रांच के एटीपी सुखदेव वशिष्ठ को गिरफ्तार किया गया था। विजिलेंस को इनपुट मिले कि रिश्वत के खेल में विधायक रमन अरोड़ा भी शामिल हैं। विजिलेंस ने एटीपी से पूछताछ की और करीब एक महीने तक दस्तावेज और दूसरे सबूत जुटाए। जिसके बाद पहले एटीपी और अब विधायक पर विजिलेंस की रेड की गई है l