प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 जून को नया रिकॉर्ड बना दिया. वह देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित पीएम बन गए हैं. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. पीएम मोदी ने 26 मई, 2014 को पहली बार पीएम पद की शपथ ली थी और उनके कार्यकाल के 4399 दिन पूरे हो चुके हैं, जबकि नेहरू 4398 दिनों तक लगातार निर्वाचित होकर प्रधानमंत्री रहे थे. बीजेपी की ओर से नरेंद्र मोदी और पंडित नेहरू के बीच की जा रही तुलना के बीच कांग्रेस की भी प्रतिक्रिया सामने आई है.
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को जवाहरलाल नेहरू भारत के प्रधानमंत्री बने और उन्होंने एक ऐसी शानदार कैबिनेट की अगुवाई की, जैसी दुनिया में शायद ही कभी देखी गई हो. उसके बाद अगले पांच सालों में आधुनिक भारत का निर्माण हुआ. जयराम रमेश ने कहा, ‘560 से ज़्यादा रियासतों को शांतिपूर्ण ढंग से भारतीय संघ में मिलाया गया, भारत के संविधान पर चर्चा हुई और उसे अपनाया गया, ज़मींदारी प्रथा खत्म की गई, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण लागू किया गया, कई बहुउद्देशीय सिंचाई और बिजली परियोजनाएं शुरू की गईं, विज्ञान और तकनीक (जिसमें परमाणु ऊर्जा भी शामिल है) के क्षेत्र में क्षमता बढ़ाने के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया गया, और भारत वैश्विक मामलों में एक अहम ताकत बनकर उभरा.
हो सकता है कि आज उन्होंने खुद से तय किया हुआ और संदिग्ध तरीके से बनाया गया कोई मील का पत्थर हासिल कर लिया हो, लेकिन वे भारत के लिए गले की फांस बन गए हैं, क्योंकि वे भारत में लोकतंत्र की हत्या के लिए ज़िम्मेदार हैं. लोकतंत्र के जिन संस्थानों – जैसे स्वतंत्र चुनाव आयोग और मतदाता सूची – पर भरोसा किया जाता था, वे अब खतरे में हैं. जयराम रमेश ने कहा कि आज हमारे शिक्षण संस्थानों को बर्बाद करके वैज्ञानिक सोच को खत्म कर दिया गया है – जैसा कि हाल ही में NEET-CBSE घोटालों से पता चला है. उन्होंने आरक्षण व्यवस्था को भी कमजोर किए जाने को लेकर सरकार पर निशाना साधा. कांग्रेस नेता ने कहा, ‘प्राइवेटाइजेशन और नॉट फाउंड स्युटेबल जैसे गलत तरीकों से एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों के लिए आरक्षण को कमजोर किया गया है.