देश भर में इस बार सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन के 12वीं बोर्ड रिजल्ट जारी होने के बाद छात्रों का गुस्सा निकलता हुआ दिखाई दे रहा है. सबसे ज्यादा सवाल बोर्ड की ऑन स्क्रीन मार्किंग व्यवस्था पर उठ रहे हैं. हालात ऐसे बन गए हैं कि परीक्षा में शामिल लगभग हर चौथे छात्र ने अपनी आंसर शीट की स्कैन कॉपी मांग ली. शिक्षा जगत में इसे अब तक का सबसे बड़ा रिचेकिंग संकट माना जा रहा है. सीबीएसई के ऑफिशियल आंकड़ों के अनुसार इस साल 10वीं और 12वीं के करीब 98.60 लाख कॉपियों का डिजिटल मूल्यांकन किया गया. परीक्षा में कुल 17.68 लाख छात्र शामिल हुए थे. रिजल्ट आने के बाद जैसे ही बोर्ड ने मार्क्स वेरिफिकेशन और स्कैन कॉपी डाउनलोड का पोर्टल खोला, शुरुआती कुछ घंटे में ही रिकॉर्ड आवेदन आने लगे. केवल 3 घंटे के अंदर 1.26 लाख से ज्यादा छात्रों ने आवेदन किया, जिससे बोर्ड की वेबसाइट ठप पड़ गई. वहीं अब तक चार लाख से ज्यादा छात्र 11.31 लाख उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी और रिचेकिंग के लिए आवेदन कर चुके हैं. यह आंकड़ा कुल परीक्षार्थियों का लगभग 23 प्रतिशत है, यानी सीधे तौर पर चौथा छात्र अपने रिजल्ट से संतुष्ट नहीं दिख रहा है.