ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान का साथ देने वाला ये देश अब बढ़ा रहा भारत से दोस्ती

मिडिल ईस्ट में जंग छिड़ी है. अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच इस लड़ाई को 30 से ज्यादा दिन हो गए. कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं है. अमेरिका और ईरान अब तक कई दावे कर चुके हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जंग में जीत की बात करते हैं तो ईरान के मुज्तबा खामेनेई वाशिंगटन को तगड़ा नुकसान पहुंचाने का दावा करते हैं. दोनों के दावे भले ही कुछ भी हों, लेकिन असल फायदा भारत को होता दिख रहा है, क्योंकि इस जंग के दौरान उसकी उस देश से नजदीकी बढ़ी है जो उसका विरोधी माना जाता है.

ये मुल्क कोई और नहीं बल्कि अजरबैजान है. वो अजरबैजान जो पाकिस्तान का अच्छा दोस्त है. ऑपरेशन सिंदूर के वक्त वो खुलकर पाकिस्तान के सपोर्ट में खड़ा था. उसी अजरबैजान ने मिडिल ईस्ट संकट में भारत के लोगों की बड़ी मदद की है. ईरान में फंसे 215 भारतीयों को अजरबैजान के रास्ते निकाला जा चुका है. इसके लिए हिंदुस्तान ने अजरबैजान का धन्यवाद भी किया है. यह आभार बुधवार को बाकू में अजरबैजान के विदेश मंत्री जेहुन बैरामोव और अजरबैजान में भारत के नवनियुक्त राजदूत अभय कुमार के बीच हुई एक बैठक के दौरान व्यक्त किया गया.ऑपरेशन सिंदूर में अजरबैजान पाकिस्तान के साथ खड़ा था. अजरबैजान के इस कदम का हिंदुस्तान के लोगों ने विरोध किया. सोशल मीडिया पर बॉयकॉट अजरबैजान मुहिम भी छिड़ गई. अजरबैजान के बहिष्कार की अपीलों के बाद ट्रैवल बुकिंग पोर्टल्स ने बुकिंग में भारी गिरावट और कैंसलेशन में बढ़ोतरी की बात कही थी.

भारतीय पर्यटकों ने अजरबैजान की अपनी यात्रा रोक दी. अजरबैजान में भारत से आने वाले लोगों की संख्या में 56 प्रतिशत की गिरावट आई. बता दें कि अजरबैजान भारतीयों के लिए पर्यटन स्थलों के तौर पर तेजी से लोकप्रिय हो रहा था. हाल के वर्षों में, यहां की यात्रा करने वाले भारतीय यात्रियों की संख्या में काफ़ी बढ़ोतरी हुई थी और साथ ही सीधी उड़ानों की संख्या भी बढ़ी थी.

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