पंजाब की सियासत की जन्मदाता और सिख पंथ की अग्रणी पार्टी शिरोमणि अकाली दल दोफाड़ हो चुकी है. पार्टी की नीतियों की खिलाफत करने के लिए खड़ा हुआ बागी गुट आज इतना मजबूत हो चला है कि अकाली दल के लिए ही चुनौती बनने जा रहा है. बागी गुट के अध्यक्ष का चुनाव हो चुका है और इसके अध्यक्ष बनाए गए हैं ज्ञानी हरप्रीत सिंह… वही ज्ञानी जी… जिनका विवादों के साथ गहरा नाता रहा है. कभी बीजेपी के साथ नजदीकियों का आरोप तो कभी आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा और बॉलीवुड एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा की सगाई में मेहमान बनकर जाना या फिर सुखबीर बादल को धार्मिक सजा सुनाए जाने वाले पांच सिंह साहिबानों में शामिल होना.
आगे बढ़ने से पहले बागी गुट के जन्म पर थोड़ी बात कर लेते है. शिरोमणि अकाली दल में फूट पड़ी तो बागी नेताओं ने अपना एक अलग गुट बना लिया और पार्टी प्रधान सुखबीर बादल के खिलाफ मिलकर आवाज बुलंद कर दी. पहले से ही बरगाड़ी गोलीकांड और गुरमीत राम रहीम की माफी को लेकर विवादों में घिरे सुखबीर बादल पर ये बगावत काफी भारी पड़ गई. बागियों ने बड़ी मजबूती के साथ एकजुट होकर उनके खिलाफ श्री अकाल तख्त पर शिकायत दी और उन्हें पांच सिंह साहिबानों की अदालत में ला खड़ा किया.