शेयर बाजार की इस ‘डुबकी’ में डूबे निवेशक, 46 दिन में बह गए 33 लाख करोड़

नई दिल्ली, उसी दिन सैमको सिक्योरिटीज की एक रिपोर्ट आई थी. इस रिपोर्ट में एक दिलचस्प आंकलन किया गया था. रिपोर्ट में कहा गया था कि बीते 20 बरस में 6 बार कुंभ का आयोजन हुआ और उन तमाम आयोजनों के दौरान शेयर बाजार ने निवेशकों को काफी नुकसान कराया. इस बार भी रिवायत में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है.

आंकड़ों को देखें तो शेयर बाजार में महाकुंभ के दौरान 3.50 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल चुकी है. महाकुंभ के आखिरी दिन शेयर बाजार बंद है, लेकिन उससे पहले तक शेयर बाजार निवेशकों को 33 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हो चुका है. आइए आपको भी आंकड़ों से समझाने कोशिश करते हैं कि आखिर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों 13 जनवरी से पहले किस लेवल पर दिखाई दे रहे थे और मौजूदा लेवल समय में किस लेवल पर आ चुके हैं.

महाकुंभ के शुरुआत होने से पहले यानी 10 जनवरी के दिन जब शेयर बाजार बंद हुआ था तब बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 77,378.91 अंकों पर था. महाकुंभ के बाद से अब तक यानी आखिरी दिन तक सेंसेक्स 74,602.12 अंकों पर आ चुका है. इसका मतलब है कि सेंसेक्स में 2,776.79 अंकों की गिरावट देखने को मिल चुकी है. यानी सेंसेक्स निवेशकों को 3.59 फीसदी का नुकसान करा चुका है. ये लगातार 7वां ऐसा मौका है जब सेंसेक्स में गिरावट देखने को मिली है. साल 2021 के दौरान सेंसेक्स में 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली थी.

 

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