मुंबई, जब हम फ्रूटी , एप्पी और बोतलबंद बेली वाटर का नाम सुनते हैं, तो ताजगी का अहसास होने लगता है. आपने भी इन पेय पदार्थों का सेवन तो जरूर किया होगा. फ्रूटी और एप्पी तो पहले से ही काफी मशहूर थे, मगर पिछले कुछ वर्षों से बेली वाटर भी बिस्लेरी और किन्ली को कड़ी टक्कर दे रहा है. इस मशहूर प्रोडक्ट्स को बच्चे-बच्चे तक पहुंचाने का श्रेय नाडिया चौहान को जाता है. हालांकि यह बिजनेस उन्होंने शुरू नहीं किया, मगर इसे पहचान दिलाने का काम नाडिया ने ही किया. आज हम नाडिया चौहान की बात करेंगे कि कैसे उन्होंने अपने 300 करोड़ के टर्नओवर वाले फैमिली बिजनेस को देखते ही देखते 8,000 करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंचा दिया.
आज नाडिया चौहान पारले एग्रो की जॉइन्ट मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर हैं, मगर अपनी पर्सनल लाइफ में भी वे उसी तरह एक्टिव और सफल हैं, जैसे बिजनेस में. नाडिया एक परिवार की समर्पित सदस्य भी हैं. उनके पति राधे श्याम दीक्षित भी एक सफल बिजनेसमैन हैं, और उनके दो बच्चे हैं. अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद नाडिया परिवार के साथ समय बिताने को प्राथमिकता देती हैं.नाडिया चौहान ने कंपनी को टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर विशेष ध्यान दिया है. प्लास्टिक कचरे को कम करने और ईको-फ्रेंडली प्रथाओं को अपनाने के उनके प्रयास इंडस्ट्री के लिए एक मिसाल हैं. उनका लक्ष्य पारले एग्रो को एक अरब डॉलर की वैश्विक कंपनी बनाना है, जो अपनी जड़ों से जुड़ी रहे.