मालदीव को हर दिन हो रहा 8.64 करोड़ का नुकसान

किसी एक गलती की सजा कितनी बड़ी हो सकती है, मालदीव उसका सबसे सटीक उदाहरण है. हाल ही में मालदीव सरकार के कुछ अधिकारियों ने प्रधानमंत्री की लक्षद्वीप ट्रिप को लेकर आप्पतिजनक टिप्पणी की थी. जिसके बाद से बॉयकॉट मालदीव ट्रेंड करने लगा है. वहीं, अब मालदीव पर बॉयकॉट का असर भी दिखने लगा है. मालदीव को भारत के बॉयकॉट से हर दिन करोड़ों का नुकसान हो रहा है. जिस देश का रेवेन्यू ही टूरिस्ट और टूरिज्म से आए उसकी ऐसे में हालत खराब होना जाहिर है. हालात संभालने के लिए मालदीव ने अपने यहां घूमने का खर्चा भी आधा कर दिया, फिर भी भारतीय उसके यहां जाने को तैयार नहीं हैं.इस पूरे विवाद से पहले तक मालदीव भारतीयों के पसंदीदा पर्यटन स्थलों में शामिल था. हर साल लाखों भारतीय वहां घूमने जाते थे. लेकिन भारतीयों के बॉयकॉट की वजह से मालदीव ने खुद कहा है कि उसके 44,000 परिवारों पर अब संकट आ गया है. भारतीयों की नाराजगी के कारण उसकी टूरिज्म इंडस्ट्री बुरी तरह प्रभावित हुई है. ऑनलाइन ट्रैवल पोर्टल पर भी लोगों ने मालदीव में घूमने के ऑप्शन तलाशने बंद कर दिए हैं. इसके बजाए लक्षद्वीप की सर्च 34 गुना से भी ज्यादा बढ़ गई है.मालदीव को ताजा विवाद के बाद रोजाना बड़ी मात्रा में रेवेन्यू को नुकसान हो रहा है. 2023 में दुनिया घूमने के मामले में भारतीयों की संख्या तेजी से बढ़ी है और 2030 तक भारत 4 पायदान पर पहुंच सकता है. बीते साल सिर्फ मालदीव में भारतीयों ने 38 करोड़ डॉलर (करीब 3,152 करोड़ रुपये) खर्च किए. इसका मतलब है कि अगर भारतीयों ने वहां जाना बंद कर दिया तो मालदीव को रोजना 8.6 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है.

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