दक्षिण यूक्रेन पर कब्ज़े के बाद कैसे अटके रूसी सैनिक

रूस की सेना ने करीब एक साल पहले यूक्रेन पर हमला किया था. रूसी सैनिकों को इस युद्ध में सबसे बड़ी कामयाबी दक्षिणी यूक्रेन में मिली. कुछ ही दिनों के अंदर रूसी सैनिकों ने क्राइमिया से आगे यूक्रेन के अंदर स्विट्ज़रलैंड जितने बड़े भूभाग पर नियंत्रण स्थापित कर लिया था. शुरुआती दिनों में यूक्रेन के दक्षिणी हिस्से में क्या गड़बड़ी हुई थी, इसे लेकर यूक्रेन के अधिकारियों के पास आज भी कोई जवाब नहीं है. इसका पता लगाने के लिए बीबीसी ने सैन्य अधिकारियों, राजनेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं से बातचीत की है. 22 फरवरी 2022 को शाम सवा सात बजे, यूक्रेन की रक्षा परिषद के सचिव ओलेक्सी देनिलोव को लाल फोल्डर में कुछ गोपनीय दस्तावेज़ मिले. दस्तावेज़ों के मुताबिक यूक्रेन के राष्ट्रपति की जान को गंभीर ख़तरा था. तत्काल, देनिलोव ने सैन्य सेवाओं के प्रमुख, गृह मंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से खुद संपर्क किया. लेकिन यूक्रेन का नेतृत्व आपातकाल जैसा मार्शल लॉ लागू करने के लिए तैयार नहीं हुआ. सैनिकों के मूवमेंट में भी बदलाव नहीं किया गया.

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