जालंधर, (विशाल/ रोजाना आजतक)-कोविड -19 महामारी को फैलने से रोकने के लिए टैस्टों के द्वारा जल्द पहचान और इलाज को यकीनी बनाने के लिए डिप्टी कमिशनर जालंधर श्री घनश्याम थोरी ने बताया कि पंजाब सरकार प्राईवेट अस्पतालों/कलीनिकों/लैबारटियों को स्वास्थ्य विभाग के पास रजिस्टर्ड होने के बाद कोविड -19 के रैपिड एंटीजेन टैस्टिंग करने की अनुमति दे दी गई है।इस बारे में और ज्यादा जानकारी देते हुए डिप्टी कमिशनर ने बताया कि यह किट स्वास्थ्य विभाग की तरफ से रजिस्टर्ड हुए स्वास्थ्य संस्थायों को मुफ़्त उपलब्ध करवाई जाएंगी और विभाग की तरफ से प्राईवेट अस्पतालों /कलीनिकों /लैबों जो लोगों का टैस्ट करने की इच्छुक हैं, को रजिस्टर्ड किया जायेगा। श्री थोरी ने बताया कि रजिस्टर्ड /इम्पैनलड हुए प्राईवेट अस्पताल /क्लीनिक और लैब इस टैस्ट के लिए मरीज़ों से अधिक से अधिक 250 रुपए वसूल सकेगें और यह किट स्वास्थ्य विभाग की तरफ से उपलब्ध करवाई जाएगें।थोरी ने बताया कि इन प्राईवेट अस्पतालों /लैबों के पास कोविड -19 के शकी मरीज़ों के सैंपल लेने के लिए अलग स्थान होना चाहिए। उन्होनें बताया कि सैंपल लेते समय निजी सुरक्षा को यकीनी बनाया जाना ज़रूरी है। उन्होनें कहा कि हिदायतों अनुसार इन संस्थायों के पास बायो मैडीकल वेस्ट के निपटारे के लिए योग्य प्रबंध होने चाहिए।डिप्टी कमिशनर ने बताया कि रैपिड एंटीजेन टैस्ट के सभी नतीजों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से उपलब्ध करवाई गई आई.डी.अनुसार आई.सी.एम.आर.के पोर्टल पर दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होनें बताया कि प्राईवेट संस्थायों की तरफ से मरीज़ों के रिकार्ड की अच्छी तरह संभाल करनी होगी।