मोदी के लिए बेहद शर्मनाक बात है कि वह आज मंगलसूत्र के नाम पर वोट मांग रहे हैं : भगवंत मान 

जालंधर/चंडीगढ़, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार शाम को जालंधर में आम आदमी पार्टी(आप) के उम्मीदवार पवन कुमार टीनू के लिए प्रचार किया। मान ने जालंधर शहर के विभिन्न इलाकों में रोड शो किया और लोगों से पवन टीनू को जीताने की अपील की।

रोड शो के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए भगवंत मान ने आप छोड़कर भाजपा में गए सांसद सुशील रिंकू पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने उन्हें सांसद बनाया और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई, लेकिन लालच और स्वार्थ के कारण उन्होंने पार्टी और जालंधर के लोगों के साथ गद्दारी की। मान ने जालंधर के लोगों से अपील की कि पंजाब के साथ गद्दारी करने वालों को सबक सिखाएं और उनकी जमानत जब्त कराएं।

मान ने कहा कि हम इस चुनाव में आपसे अपने पिछले दो सालों के काम के आधार पर वोट मांग रहे हैं। अगर आपको हमारा काम पसंद आया है तो हमें वोट करें। उन्होंने कहा कि हमने सिर्फ दो साल में पंजाब में इतने काम किए हैं जितने पिछली सरकारों ने 70 सालों में नहीं किए।

हमने पंजाब के आम लोगों के लिए हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली की व्यवस्था की। आज पंजाब के 90 प्रतिशत घरों के बिजली बिल जीरो आ रहे हैं। वहीं आम लोगों के ईलाज के लिए 850 आम आदमी क्लीनिक खोले और आम घरों के 43000 नौजवानों को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी। उन्होंने कहा कि मैं भगवान से रोज यही अरदास करता हूं कि मुझसे ऐसी कोई फाइल पर हस्ताक्षर न हो जिससे पंजाब के किसी घर का चूल्हा बूझे।

अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री मान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि मोदी अपने बयानों से देश में सांप्रदायिक तनाव पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह देश के लिए बेहद दुर्भाग्य की बात है कि 10 साल प्रधानमंत्री रहने के बाद प्रधानमंत्री मोदी जाति धर्म और मंगलसूत्र के नाम पर वोट मांग रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह चुनाव सिर्फ प्रधानमंत्री और सांसद बनाने का चुनाव नहीं है। यह देश के लोकतंत्र और संविधान को बचाने का चुनाव है। अगर भाजपा इस बार जीत गई तो देश में फिर कभी चुनाव नहीं होंगे। वह देश में रूस और चीन की तरह सिंगल पार्टी सिस्टम लागू कर देगी और आपसे वोट देने का अधिकार छीन लेगी। इसलिए इस बार भाजपा को हराना बेहद जरूरी है।

पवन कुमार टीनू पर मान ने कहा कि इन्होंने अकाली दाल नहीं छोड़ा, बल्कि अकाली दल ने ही इनको छोड़ा है, क्योंकि जब काम करने की बारी आती है तो पार्टी इनका इस्तेमाल करती थी और जब मेहनत का फल देने की बारी आती थी तो चाचा भतीजे जीजे और साले खा जाते थे। उन्होंने कहा कि पवन कुमार टीनू भी भी आम घर से उठकर राजनीति में आए और अपनी पहचान बनाई। इन्हें भारी अंतर से जीताएं, ये संसद में जालंधर के आम लोगों की आवाज उठाएंगे।

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