तरनतारन : रॉकेट लॉन्चर से पुलिस स्टेशन को बनाया निशाना, राज्य में हाई अलर्ट

अटैक में ISI का हाथ! स्लीपर सेल ने दिया अंजाम, आतंकी पन्नू ने भी ली जिम्मेदारी
TARN TARAN : तरनतारन जिले के सरहाली पुलिस स्टेशन पर हमला हुआ है। जानकारी के मुताबिक इस हमले में फिलहाल किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन पुलिस थाने की बिल्डिंग क्षतिग्रस्त हो गई है। रात एक बजे हुआ पुलिस स्टेशन बिल्डिंग पर रॉकेट लांचर अटैक किया गया। इस हमले के बाद पूरे पंजाब में हाई अलर्ट जारी किया गया है। इस अटैक के बाद पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। ये हमला सरहाली में किया गया है। ये वही जगह है जहां कुख्यात गैंगस्टर हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा का पैतृक घर है। हालांकि सूत्रों से जानकारी मिली थी कि पिछले दिनों रिंदा की पाकिस्तान में मौत हो गई थी।
इंटेलीजेंस एजेंसियों ने इस हमले को कन्फर्म किया है। आशंका ये भी जताई जा रही है कि डायरेक्ट हिट न होने की वजह से इसका असर कम हुआ है। बताया जा रहा है कि मोहाली में पंजाब इंटेलीजेंस के ऑफिस में जिस तरह से हमला हुआ था, ये अटैक भी वैसा ही है।
इससे पहले मोहाली के सेक्टर-77 में आरपीजी अटैक हुआ था। अब ये बड़ा हमला हुआ है। आरपीजी काफी पावरफुल अटैक होता है। हमले का इसका इस्तेमाल होना खतरे की निशानी माना जा रहा है। माना ये भी जा रहा है कि ये पहले कहीं और गिरा है, बाद में डायवर्ट होकर पुलिस स्टेशन में आया है। मसलन, ऱॉकेट लॉन्चर ने पहले गेट या पिलर को टारेगट किया, इसके बाद यह अंदर की तरफ आया है।\
पुलिस थाने पर रॉकेट लॉन्चर से हमले के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। इस हमले के पीछे खालिस्तानी आतंकियों का हाथ बताया जा रहा है। साथ ही पाक खुफिया एजेंसी ISI की प्लानिंग सामने आ रही है।
पुलिस सूत्रों की मानें तो तरनतारन आरपीजी फायर अटैक एक आतंकी हमला है और इसके पीछे खालिस्तान समर्थक आतंकियों के हाथ होने की संभावना है। सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तानी सीमा से सटे तरनतारन में आईएसआई ने हमला करवाया है और इस अटैक में खालिस्तानी आतंकियों का भी हाथ है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर खालिस्तान समर्थक आतंकियों ने पंजाब में सक्रिय अपने स्लीपर सेलों के माध्यम इस घटना को अंजाम दिया है। इस अटैक को रिंदा के मरने की खबरों का जवाब माना जा रहा है।
वहीं एक तरफ जहां सुरक्षा एजेंसियों ने इसे आतंकी हमला कहा, वहीं दूसरी तरफ आतंकी गुरपतवंत पन्नू ने इसकी जिम्मेदारी ली है। सिख फार जस्टिस के आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक वॉयस नोट भेज इस हमले की जिम्मेदारी ली है। पन्नू का कहना है कि जालंधर के लतीफपुरा में 1947 में पाकिस्तान से आकर बसे परिवारों को पंजाब सरकार ने बेघर किया है। यह उसी का बदला है। पन्नू विदेश में कहीं रहता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *