एक्ट्रेस सुष्मिता मुखर्जी ने टीवी से लेकर फिल्मों तक में काम किया. आज वो किसी पहचान की मोहताज नहीं. लेकिन एक वक्त ऐसा था जब उन्हें सी ग्रेड फिल्मों में भी काम करना पड़ा. उनके ऊपर 1 करोड़ का लोन था. दरअसल, उनकी प्रोडक्शन कंपनी दिवालिया हो गई थी. इसके बाद उन्होंने सी ग्रेड फिल्मों में काम किया था. हालांकि, ये उन्होंने खुशी से नहीं किया था. अब एक्ट्रेस ने इसके बारे में बात ‘मैंने अपनी आत्मा बेच दी’IANS के मुताबिक सुष्मिता ने कहा, ‘मुझसे किसी ने कहा ‘मैम, आपने बुरी फिल्मों में काम क्यों किया?’ अपनी जिंदगी के उस दौर को याद करना और ये सोचना कि मैंने महिलाओं का अपमान करने वाली, सेक्सिस्ट और C-ग्रेड फिल्मों में काम क्यों किया? ये बहुत परेशान करने वाला है. लेकिन मैंने अच्छी फिल्मों में भी काम किया है. मैंने पोर्नोग्राफी में काम नहीं किया. भगवान, बस कुछ फिल्में खराब थीं. मैंने गलत फिल्में च्वॉइस की. क्या मैंने अपनी आत्मा बेच दी? हां, बेशक मैंने अपनी आत्मा बेच दी. क्या मुझे वो फिल्में करके अच्छा लगा? तब भी अच्छा नहीं लगा था. अभी भी अच्छा नहीं लगता. लेकिन ये मेरी मजबूरी थी.’ ‘मैं अपनी परिस्थितियों के बारे में आपको बताऊं तो 2002 में मेरे पति और मेरी मीडिया कंपनी Prayas प्रोडक्शन दिवालिया हो गई थी. 1 करोड़ का लोन हो गया था. हमारे साथ ट्रैक सिनेमा और अनिल चौधरी प्रोडक्शन भी दिवालिया हो गया था. उस वक्त नई टेक्नोलॉजी आई थी और हमें उसके बारे में पता नहीं था. तो हम दिवालिया हो गए. तो देनदार हमारे घर पर आते थे. जिनसे पैसे हमने लिए थे वो घर पर आते थे पैसे लेने. वो हमें गाली देते थे. वो हमारा बुरा समय था. मेरे बच्चे छोटे थे. तो मुझे फिर से काम करना पड़ा. जो भी पैसा आता था वो हम लोन चुकाने के लिए दे देते थे. मैंने और मेरे पति ने लोन चुकाने के लिए बहुत मेहनत की और 3-4 साल में लोन चुका दिया. तो इसीलिए मुझे वो काम भी करना पड़ा.’सुष्मिता ने आगे कहा, ‘फिर मेरे अंदर की बंगाली मां जाग गईं. मेरी बेटी पढ़ाई में अच्छी थी तो मैं उसे विदेश में पढ़ाना चाहती थी. मेरे पति राष्ट्रवादी थे. उन्होंने कहा था कि क्या इंडिया में अच्छे स्कूल और कॉलेज नहीं हैं? लेकिन मैं चाहती थी तो मैंने उसे विदेश भेजा. तो उसकी पढ़ाई पर बहुत खर्चा हुआ. वो ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड पढ़ने गई थी. तो इसीलिए मुझे पैसे कमाने थे. इसीलिए मुझे वो फिल्में करनी पड़ी.’