रिलायंस के निवेश वाला इंस्टेंट डिलीवरी प्लेटफॉर्म Dunzo की मुश्किलें बढ़ गई

नई दिल्ली: रिलायंस के निवेश वाला इंस्टेंट डिलीवरी प्लेटफॉर्म Dunzo की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कंपनी के को-फाउंडर कबीर बिस्वास अब वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली कंपनी फ्लिपकार्ट के क्विक कॉमर्स ऑपरेशन मिनट्स का नेतृत्व करेंगे। Dunzo की शुरुआत साल 2014 में एक व्हाट्सएप ग्रुप के रूप में हुई थी। इसने बेंगलुरु में पिक-अप और ड्रॉप सर्विस की शुरुआत की और फिर इसे पूरे देश में फैलाया। मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस रिटेल ने साल में 2022 में Dunzo में $24 करोड़ का निवेश किया और कंपनी में सबसे बड़ा शेयरधारक बन गई।

इस सौदे के जरिए रिलायंस रिटेल ने Dunzo में 25.8% हिस्सेदारी खरीदी। यह देश में हाइपरलोकल डिलीवरी की शुरुआत करने वाली कंपनी थी।लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इस स्टार्टअप को गंभीर वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कंपनी के कर्मचारियों को 18 महीने से अधिक समय से वेतन नहीं मिला। बिस्वास खुद भी लंबे समय तक बिना वेतन के काम करते रहे। उनके साथी को-फाउंडर मुकुंद झा, दलवीर सूरी और अंकुर अग्रवाल पहले ही कंपनी से किनारा कर चुके थे। बिस्वास ने हाल ही में Dunzo को अलविदा कह दिया था। अब वह फ्लिपकार्ट मिनट्स को संभालेंगे। फ्लिपकार्ट और बिस्वास के प्रवक्ता ने प्रेस में जाने तक TOI के सवालों का जवाब नहीं दिया।

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