नई दिल्ली, राजनीतिक विश्लेषक प्रशांत किशोर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स को जीएसटी के दायरे में लाया जा सकता है. राज्यों की फाइनेंशियल ऑटनोमी पर अंकुश लगाया जा सकता है. इंडिया टुडे के साथ एक इंटरव्यू में, प्रशांत किशोर ने मोदी सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी नैरेटिव में स्ट्रक्चरल और ऑपरेशनल बदलावों की भविष्यवाणी की. प्रशांत किशोर ने कहा, “मुझे लगता है कि मोदी 3.0 सरकार धमाकेदार शुरुआत करेगी. केंद्र के पास शक्ति और संसाधन दोनों का और भी ज्यादा कंसंट्रेशन होगा. राज्यों की फाइनेंशियल ऑटोनोमी में कटौती करने की भी कोशिश की जा सकती है.” 2014 में बीजेपी और पीएम मोदी के लिए चुनावी अभियान का प्रबंधन करने वाले प्रशांत किशोर ने कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ कोई बड़ा गुस्सा नहीं है और बीजेपी लगभग 303 सीटें जीतेगी.