फिर क्यों सुलग रही आग; बुलाई सर्वदलीय बैठक

मुंबई, मराठा आरक्षण आंदोलन की आग ठंडी करने के लिए एकनाथ शिंदे सरकार ने अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी के तहत राज्य सरकार ने 7 लाख मराठाओं को कुनबी जाति के सर्टिफिकेट के योग्य पाया है। मंगलवार को हुई कैबिनेट मीटिंग जस्टिस शिंदे कमेटी की रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि 13,498 दस्तावेज ऐसे मिले हैं, जिनसे निजाम के दौर में मराठाओं को कुनबी जाति में शुमार करने की पुष्टि होती है। इससे पहले राज्य सरकार ने 11 हजार सर्टिफिकेट ही जारी करने की बात कही थी, जिससे मराठा आंदोलनकारी और भड़क गए थे। अब माना जा रहा है कि आंदोलनकारियों को सरकार राजी कर सकती है।

इस बीच एकनाथ शिंदे सरकार ने सर्वदलीय मीटिंग भी बुला ली है। मराठा आंदोलन का नेतृत्व कर रहे मनोज जारांगे पाटिल ने मंगलवार को सीएम एकनाथ शिंदे से फोन पर बात करने के बाद पानी जरूर पी लिया। इससे माना जा रहा है कि मराठा आंदोलनकारियों ने अपना रुख थोड़ा नरम कर लिया है। हालांकि पाटिल का कहना है कि वह आंदोलन तब तक खत्म नहीं करेंगे, जब तक पूरे मराठा समुदाय को ओबीसी आरक्षण नहीं मिल जाता। उन्होंने कहा कि मराठाओं में कुछ ही लोगों को कुनबी जाति का सर्टिफिकेट देने की योजना है, जो गलत है। पूरे मराठा समाज को ही कुनबी का सर्टिफिकेट मिलना चाहिए ताकि वे ओबीसी आरक्षण के हकदार बन सकें।

 

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