प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद शुक्रवार को केंद्रीय कैबिनेट ने पेपर लीक के मामलों में कड़ी सज़ा सुनिश्चित करने वाले ड्राफ्ट बिल को मंजूरी दे दी. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, संसद भवन परिसर में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस बिल को हरी झंडी दी गई. प्रस्तावित कानून के तहत पेपर लीक में शामिल दोषियों को 10 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान होगा, जो मौजूदा कानूनों की तुलना में कहीं अधिक सख्त माना जा रहा है.
प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार देर रात वीडियो संदेश के जरिए घोषणा की थी कि सरकार अगले सप्ताह संसद में यह विधेयक पेश करेगी. उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार 2024 में भी सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों और पेपर लीक पर रोक लगाने के लिए कानून लागू कर चुकी है. यह नया विधेयक ऐसे समय लाया जा रहा है जब ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा प्रणाली में सुधार, गड़बड़ियों की जवाबदेही तय करने और कथित NEET-UG पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग को लेकर आंदोलन कर रही है.